प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश में शिया जामा मस्जिद के इमामबाड़े में जश्न ऐ करीम ऐ अहलेबैत इमाम ऐ हसन ऐ मुज्तबा का आयोजन किया गया जिसकी सदारत ज़ाकिर ऐ अहलेबैत जनाब सय्यद मुहम्मद मासूम साहब ने की | इस जश्न का आयोजन जनाब यकार हुसैन की तरफ से किया गया था | मक़ामी शायरों ने अपने बेहतरीन अंदाज़ की शान ऐ करीम इमाम हसन ऐ मुज्तबा बयान किया |ज़ाकिर ऐ अहलेबैत जनाब सय्यद मुहम्मद मासूम किया वो शख्स मुस्लमान नहीं जो खुद तो खाय लेकिन अपने पडोसिसयों और गरीबों का ख्याल ना करे क्यों की आप अगर हसन के चाहने वाले हैं तो जान लें हसन उसे कहते हैं जो करीम था जिसका मतलब यह हुआ की उनका उसूल था खुद न भी खाएं तो कोई बात नहीं दुनिया में जितने भी भूखे हैं उनका पेट भरते रहे |
इस्लाम रहम दिली , इसने में भाईचारा और मुआमलात में ईमानदारी सीखाता है और दर ऐ अहलेबैत से यह सब मिलता है |
इस मौके पे महफ़िल के आखिर में बानी ऐ महफ़िल जनाब यावर साहब ने लोगों में तबर्रुक तक़सीम किया और शुक्रिया अदा किया | महफ़िल में शिरकत करके स्वाब ऐ ज़ारिया हासिल किया जनाब अमीर हसन साहब, हुस्सु भाई, पप्पे भाई , सदफ ,तुराब और बेगमवार्ड के मोमिनीन से |

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